ज़िंदगी का सफ़र: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी

फ़ुरकान एस ख़ान की इस ख़ूबसूरत शायरी में ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव और सफ़र को महसूस करें। जीवन की हर राह पर प्रेरणा पाएँ।

Thursday, September 3, 2026
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ज़िंदगी का सफ़र: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी
“ज़िंदगी का सफ़र: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी”
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03 September 2026
ज़िंदगी का सफ़र: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी
Shayari
ज़िंदगी एक सफ़र है, कभी धूप कभी छाँव में, हम ढूंढते हैं ख़ुशी, हर गली हर गाँव में। गिरते हैं सँभलते हैं, फिर चलते हैं राहों पर, मंज़िल मिले या न मिले, सुकून है इस बहाव में।
Kaafiya छाँव, गाँव, बहाव Radeef में
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
ये ज़िंदगी है साहब, हर पल नया नज़ारा है, कभी ख़ुशी का आलम, कभी ग़म का सहारा है। जो आया है सो जाएगा, ये दस्तूर-ए-ज़माना है, बस जीते चलो हँसते हुए, यही ज़िंदगी का इशारा है।
Kaafiya नज़ारा, सहारा, इशारा Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
ज़िंदगी एक आईना है, जो सब कुछ दिखाती है, कभी हँसाती है हमको, कभी ये रुलाती है। हर ज़ख़्म को भरती है, हर पाठ पढ़ाती है, ये ज़िंदगी है प्यारे, हर हाल में भाती है।
Kaafiya दिखाती, रुलाती, पढ़ाती, भाती Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

सफ़र: यात्रा, राह। छाँव: छाया। ख़ुशी: प्रसन्नता। सँभलते: गिरकर उठना। राहों: रास्तों। मंज़िल: लक्ष्य। सुकून: शांति। बहाव: प्रवाह, धारा।

साहब: महोदय। नज़ारा: दृश्य। आलम: माहौल, स्थिति। ग़म: दुःख। दस्तूर-ए-ज़माना: समय का नियम, संसार की रीति। इशारा: संकेत।

आईना: दर्पण, शीशा। ज़ख़्म: घाव। पाठ: सबक, सीख। प्यारे: प्रिय। भाती: पसंद आती है, अच्छी लगती है।

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Zainab Khatoon
लेखक

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