ज़िंदगी का सफ़र: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक शायरी
फ़ुरकान एस ख़ान की इस ख़ूबसूरत शायरी में ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव और सफ़र को महसूस करें। जीवन की हर राह पर प्रेरणा पाएँ।
सफ़र: यात्रा, राह। छाँव: छाया। ख़ुशी: प्रसन्नता। सँभलते: गिरकर उठना। राहों: रास्तों। मंज़िल: लक्ष्य। सुकून: शांति। बहाव: प्रवाह, धारा।
साहब: महोदय। नज़ारा: दृश्य। आलम: माहौल, स्थिति। ग़म: दुःख। दस्तूर-ए-ज़माना: समय का नियम, संसार की रीति। इशारा: संकेत।
आईना: दर्पण, शीशा। ज़ख़्म: घाव। पाठ: सबक, सीख। प्यारे: प्रिय। भाती: पसंद आती है, अच्छी लगती है।
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