हनी त्रेहान का सवाल: खालरा को उनका हक मिलने में आखिर 31 साल क्यों लगे?
फिल्ममेकर हनी त्रेहान ने दिवंगत मानवाधिकार कार्यकर्ता जसंवत सिंह खालरा को न्याय मिलने में हुई 31 साल की देरी पर सवाल उठाया।
Key Highlights
- निर्देशक हनी त्रेहान ने जसवंत सिंह खालरा को न्याय मिलने में 31 साल की देरी पर सवाल उठाए।
- उनकी फिल्म 'सतलुज' (पहले 'पंजाब '95') खालरा के जीवन और मानवाधिकार के संघर्षों को दर्शाती है।
- फिल्म को सेंसरशिप और रिलीज में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा।
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा को न्याय मिलने में 31 साल क्यों लगे, इस पर सवाल उठाना लाजमी है। फिल्म निर्देशक हनी त्रेहान ने अपने हालिया साक्षात्कार में यह सवाल उठाया। उनकी फिल्म 'सतलुज', जिसे पहले 'पंजाब '95' के नाम से जाना जाता था, खालरा के जीवन और उनके निडर काम को बड़े परदे पर ला रही है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि न्याय की एक लंबी और कठिन यात्रा का प्रतिबिंब है।
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