उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली शायरी

फरकान एस खान द्वारा लिखी गई उदासी पर एक खूबसूरत शायरी। दिल के दर्द और अकेलेपन को बयां करती ये पंक्तियाँ।

Tuesday, August 25, 2026
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उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली शायरी
“उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली शायरी”
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25 August 2026
उदासी की चादर: दिल को छू लेने वाली शायरी
Shayari
न जाने क्यूँ ये दिल आज उदास है, हर खुशी से जैसे कट गया रास है। आँखों में नमी, होंठों पर खामोशी, लगता है जैसे खो गई कोई आस है।
Kaafiya उदास, रास, आस Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो बयाँ नहीं होते, आँखों में नमी बन के वो छुप जाते हैं। कितनी भी कोशिश कर लो हँसने की, अंदर से टूट कर हम बिखर जाते हैं।
Kaafiya होते, जाते Radeef हैं
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
ये रात भी तन्हा, ये दिन भी तन्हा गुजर रहा है, हर पल जैसे कोई बोझ दिल पर ठहर रहा है। रोशनी की तलाश में भटकते रहे उम्र भर, अब तो अँधेरे से ही अपना दिल बहल रहा है।
Kaafiya गुजर, सफर Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

उदासी की चादर

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: उदास, रास, आस  |  Radeef: है
न जाने क्यूँ ये दिल आज उदास है, हर खुशी से जैसे कट गया रास है। आँखों में नमी, होंठों पर खामोशी, लगता है जैसे खो गई कोई आस है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: होते, जाते  |  Radeef: हैं
कुछ दर्द ऐसे होते हैं जो बयाँ नहीं होते, आँखों में नमी बन के वो छुप जाते हैं। कितनी भी कोशिश कर लो हँसने की, अंदर से टूट कर हम बिखर जाते हैं।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: गुजर, सफर  |  Radeef: है
ये रात भी तन्हा, ये दिन भी तन्हा गुजर रहा है, हर पल जैसे कोई बोझ दिल पर ठहर रहा है। रोशनी की तलाश में भटकते रहे उम्र भर, अब तो अँधेरे से ही अपना दिल बहल रहा है।

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Zainab Khatoon
लेखक

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