इश्क़ का दस्तूर: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेम ग़ज़ल
फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित 'इश्क़ का दस्तूर' ग़ज़ल में प्रेम की गहराई और दीवानगी को महसूस करें। दिल, मुश्किल, घायल, साहिल पर केंद्रित यह ग़ज़ल मोहब्बत की दास्तान बयां करती है।
इश्क़ का दस्तूर
Ghazal By Furkan S Khan
Kaafiya: दिल, मुश्किल, घायल, साहिल, हासिल, क़ाबिल, मंज़िल
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
21°C Bahraich
Comments (0)