जीवन की पुकार

Nazm By Furkan S Khan

Kaafiya: पुकार, बहार, इक़रार, गुलज़ार, आधार, सार, निखार, उपहार

Radeef: है


यह जीवन एक सफ़र है, हर पल की अपनी पुकार है
कभी ख़ुशी, कभी गम, हर मौसम की बहार है
हर साँस में जीवन का, यही तो इक़रार है
यह दुनिया फूलों का, एक सुंदर गुलज़ार है
उम्मीदों पर टिकी, हर राह का आधार है
बस जीते जाओ, यही इस दिल का सार है
हर मुश्किल में छिपा, एक नया ही निखार है
यह ज़िंदगी है दोस्त, एक अद्भुत उपहार है।



Nazm By Furkan S Khan

Kaafiya: ज़िंदगी, बंदगी, ताजगी, सादगी, हँसी, रोशनी, मर्जी

Radeef: है


यह साँस जो चल रही, यही तो है ज़िंदगी
हर लम्हे में छुपी, कोई नई बंदगी है
सुबह की पहली किरण, एक नई ताजगी है
शाम की ढलती रौशनी, उसमें भी सादगी है
बचपन की भोली भाली, वो प्यारी सी हँसी है
जवानी की उमंग में, एक नई रोशनी है
बुढ़ापे की ख़ामोशी में, तजुर्बों की रोशनी है
हर पल को जीना है, यही तो इसकी मर्जी है।