मोहब्बत का सफ़र
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: मिल, सिल, खिल | Radeef: गया है
तेरी चाहत में दिल को सुकून मिल गया है,
हर ज़ख्म-ए-जुदाई अब तो सिल गया है।
तेरी यादों का हर पल है जैसे इबादत,
मोहब्बत में तेरी, मेरा वजूद खिल गया है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: शाम, गुमनाम, नीलाम | Radeef: हो गई
तेरा इंतज़ार करते-करते शाम हो गई,
तेरी यादों में ये ज़िंदगी गुमनाम हो गई।
कब तक सहें ये जुदाई का दर्द ऐ सनम,
तेरी चाहत में हर साँस नीलाम हो गई।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: लुटाने, मिटाने, बसाने | Radeef: को जी चाहता है
तेरी हर अदा पे जान लुटाने को जी चाहता है,
तेरे इश्क़ में खुद को मिटाने को जी चाहता है।
तू ही मंज़िल है मेरी, तू ही मेरा ठिकाना,
बस तेरी बाहों में दुनिया बसाने को जी चाहता है।