निगाह: दृष्टि, देखना पनाह: शरण, आश्रय राह: रास्ता गुनाह: पाप (यहां प्रेम को एक 'पावन गुनाह' कहा गया है, जिसका अर्थ है कि यह इतना पवित्र है कि इसे पाप भी कहा जाए तो वह स्वीकार्य है) वाह: प्रशंसा आह: गहरी साँस

सहर: सुबह तसव्वुर: कल्पना, विचार नज़र: दृष्टि असर: प्रभाव जुनूँ: जुनून, पागलपन तलब: चाहत, इच्छा सफ़र: यात्रा दीद: दर्शन गँवारा: स्वीकार्य रहगुज़र: रास्ता, मार्ग

करम: कृपा, मेहरबानी दम: साँस, पल वीरान: उजाड़, सुनसान ग़म: दुख ऐतबार: विश्वास हमदम: साथी, हमराज़ क़सम: शपथ हसीं: सुंदर मौसम: ऋतु, समय