साया (परछाई/छाया), माया (भ्रम/संसारिक मोह)। नूर (प्रकाश/चमक), सुरूर (नशा/आनंद)।
हम और ज़िंदगी इश्क का दरिया - रूहानी हिंदी गज़ल Zainab Khatoon 26 days ago फरकान एस खान की कलम से मोहब्बत और इश्क पर लिखी एक खूबसूरत हिंदी गज़ल। साया (परछाई/छाया), माया (भ्रम/संसारिक मोह)। नूर (प्रकाश/चमक), सुरूर (नशा/आनंद)। View Full Story & Comments Related Posts दीदार की हसरत: रूहानी इश्क़ की इस्लामी नज़्म | Furkan S उदासी की धुन: विरह में डूबी रोमांटिक शायरी | Furkan S K बेवफ़ा शायरी: टूटे ख़्वाबों का दर्द | Furkan S Khan दोस्ती का अनमोल रिश्ता: कृतज्ञता शायरी | Furkan S Khan