वीरान: सुनसान, कहर: मुसीबत या आफत, रूह: आत्मा। ज़वाल: पतन या अंत, मलाल: पछतावा या दुख।
हम और ज़िंदगी उदासी का मंज़र: एक दर्द भरी ग़ज़ल Zainab Khatoon 24 days ago उदासी और तन्हाई के अहसासात को बयां करती एक खूबसूरत ग़ज़ल। वीरान: सुनसान, कहर: मुसीबत या आफत, रूह: आत्मा। ज़वाल: पतन या अंत, मलाल: पछतावा या दुख। View Full Story & Comments Related Posts टूटे दिल का दर्द और दोस्ती का सहारा | भावनात्मक शायरी मन की शांति: एक मसनवी | Furkan S Khan की ओर से दिल टूटने का दर्द: फरकान एस खान की मार्मिक शायरी टूटे दिल की पुकार: विरह वेदना के मार्मिक हिंदी दोहे