उदासी का मंज़र: एक दर्द भरी ग़ज़ल
उदासी और तन्हाई के अहसासात को बयां करती एक खूबसूरत ग़ज़ल।
वीरान: सुनसान, कहर: मुसीबत या आफत, रूह: आत्मा।
ज़वाल: पतन या अंत, मलाल: पछतावा या दुख।
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