प्रेम की गहराइयाँ

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: राह, पनाह, निगाह  |  Radeef: है
तेरी चाहत में दिल को मिली है एक नई राह, हर दर्द से मिली है मुझको अब एक नई पनाह। तेरी आँखों में देखा है मैंने अपना जहान, तू ही तो है मेरी ज़िंदगी की हर एक निगाह।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: नूर, दूर, हुज़ूर  |  Radeef: है
तेरे इश्क़ का नूर मेरे दिल में समाया है, अब कोई भी अँधेरा मुझसे नहीं दूर है। तेरी हर बात में मुझको रब दिखता है, तू ही तो मेरी ज़िंदगी का सच्चा हुज़ूर है।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: सफ़र, असर, ख़बर  |  Radeef: है
तेरी यादों का सफ़र हर पल जारी है, हर साँस पे तेरी मोहब्बत का असर है। दुनिया से अब क्या माँगू मैं भला कुछ, जब तू ही मेरी दुनिया और मेरी ख़बर है।