प्रेरणादायक नज़्म: उम्मीद की किरण - जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा

फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित यह प्रेरणादायक नज़्म 'उम्मीद की किरण' आपको जीवन के हर मोड़ पर आगे बढ़ने और संघर्षों का सामना करने की शक्ति देगी।

Monday, September 14, 2026
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प्रेरणादायक नज़्म: उम्मीद की किरण - जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा
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14 September 2026
Nazm — By Furkan S Khan
हर सुबह एक नया है सफ़र, मंज़िलें होंगी तेरी नज़र। तू चलता जा अपनी डगर, ना छोड़ना कभी तू असर। जो दिल में है तेरे वो कर, हर मुश्किल को कर बेअसर। ख़ुद पे रख तू थोड़ी ख़बर, फिर देखना बदलेगी हर नज़र।
Nazm — By Furkan S Khan
तेरा क़दम कभी डगमगाना नहीं, मुश्किलों से कभी घबराना नहीं। ये वक़्त है गुज़र जाएगा, तू हिम्मत अपनी खोना नहीं। जो आज तुझे है ठुकराना, कल वही तुझे अपनाना सही। तू बस अपने पथ पर चलना, कभी पीछे मुड़कर देखना नहीं।
Nazm — By Furkan S Khan
सुन ले दिल से मंज़िल की पुकार, अपनी राह को तू खुद ही सँवार। आएगी जीवन में खुशियों की बहार, बस मुश्किलों को तू स्वीकार कर। हर कदम पे है एक नया संसार, अपनी मेहनत से उसे तू निखार। ना बैठ यूँ ही तू इंतज़ार कर, ख़ुद को तू थोड़ा तैयार कर।

सफ़र: यात्रा, राह डगर: रास्ता, पथ असर: प्रभाव, छाप बेअसर: निष्प्रभावी, जिसका कोई असर न हो नज़र: दृष्टि, निगाह

डगमगाना: अस्थिर होना, लड़खड़ाना घबराना: डरना, भयभीत होना ठुकराना: अस्वीकार करना, उपेक्षा करना पथ: मार्ग, रास्ता

सँवार: सजाना, सुधारना बहार: वसंत, खुशहाली स्वीकार: अपनाना, मानना निखार: चमकाना, बेहतर बनाना इंतज़ार: प्रतीक्षा

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Zainab
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