नशा - मदहोशी, आकर्षण; मज़ा - आनंद, ख़ुशी; वफ़ा - निष्ठा, प्रेम; रवानगी - प्रवाह, गति; गुलशन - बाग, बगीचा; मंज़र - दृश्य; महक - सुगंध; बंदगी - इबादत, प्रेम।
साँसों का इज़हार: Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली हिन्दी प्रेम शायरी
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'साँसों का इज़हार' हिन्दी प्रेम शायरी का एक खूबसूरत संग्रह। हर पंक्ति में इश्क़ और वफ़ा का गहरा एहसास।