समां: माहौल, दृश्य ज़माना: दुनिया, संसार संजोया: सहेजा, संभाला अजनबी: अपरिचित, अनजान बेचारा: असहाय
उदासी की आहें: फ़ुरकान एस खान की दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल
फ़ुरकान एस खान द्वारा लिखी गई यह ग़ज़ल उदासी, दर्द और बिखरे सपनों की कहानी कहती है। हर पंक्ति में एक गहरी भावना छिपी है।