उदासी का सफर
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: मुस्कान, अंजान, इम्तिहान | Radeef: है
दिल में है दर्द छुपा, लबों पे मुस्कान है,
लगता है हर अपना अब मुझ से अंजान है।
रातों की नींद उड़ी, दिन का भी चैन गया,
ये कैसी उदासी है, कैसा ये इम्तिहान है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बन, थम, रूठ | Radeef: गई है
तन्हाई अब मेरी हमसफ़र बन गई है,
यादों की बस्ती में ज़िंदगी थम गई है।
हर मोड़ पर मिलता है बस एक सन्नाटा,
शायद खुशी मुझसे कहीं रूठ गई है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: जाएगा, आएगा, मिलेगा | Radeef: एक दिन
ये जो गम का अंधेरा है, छंट जाएगा एक दिन,
हर रात के बाद सवेरा है, आएगा एक दिन।
माना कि आज दिल बहुत उदास है मेरा,
पर सब्र का फल मीठा है, मिलेगा एक दिन।