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हम और ज़िंदगी
उदासी का सफर: दिल के गहरे दर्द पर फ़ुरक़ान एस खान की शायरी
फ़ुरक़ान एस खान की कलम से दिल के गहरे दर्द और उदासी को बयां करती खूबसूरत शायरी। अपनी भावनाओं को शब्दों में पाएं।
Shayari By Furkan S Khan
दिल में है दर्द छुपा, लबों पे मुस्कान है,
लगता है हर अपना अब मुझ से अंजान है।
रातों की नींद उड़ी, दिन का भी चैन गया,
ये कैसी उदासी है, कैसा ये इम्तिहान है।
Shayari By Furkan S Khan
तन्हाई अब मेरी हमसफ़र बन गई है,
यादों की बस्ती में ज़िंदगी थम गई है।
हर मोड़ पर मिलता है बस एक सन्नाटा,
शायद खुशी मुझसे कहीं रूठ गई है।
Shayari By Furkan S Khan
ये जो गम का अंधेरा है, छंट जाएगा एक दिन,
हर रात के बाद सवेरा है, आएगा एक दिन।
माना कि आज दिल बहुत उदास है मेरा,
पर सब्र का फल मीठा है, मिलेगा एक दिन।
उदासी का सफर
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: मुस्कान, अंजान, इम्तिहान | Radeef: है
दिल में है दर्द छुपा, लबों पे मुस्कान है,
लगता है हर अपना अब मुझ से अंजान है।
रातों की नींद उड़ी, दिन का भी चैन गया,
ये कैसी उदासी है, कैसा ये इम्तिहान है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बन, थम, रूठ | Radeef: गई है
तन्हाई अब मेरी हमसफ़र बन गई है,
यादों की बस्ती में ज़िंदगी थम गई है।
हर मोड़ पर मिलता है बस एक सन्नाटा,
शायद खुशी मुझसे कहीं रूठ गई है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: जाएगा, आएगा, मिलेगा | Radeef: एक दिन
ये जो गम का अंधेरा है, छंट जाएगा एक दिन,
हर रात के बाद सवेरा है, आएगा एक दिन।
माना कि आज दिल बहुत उदास है मेरा,
पर सब्र का फल मीठा है, मिलेगा एक दिन।
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