बहराइच, कैसरगंज: 31 अक्टूबर 2024, शाम 8 बजे - पुलिस को फर्जी चोरी की खबर देकर प्रशासन को गुमराह करने का मामला सामने आया है।

कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा

बहराइच के कैसरगंज ग्राम पंचायत वैराकाजी मजरा कोटवा में वफ्क संख्या 42 की भूमि गाटा संख्या 541 पर अवैध कब्जा और संपत्ति का बंदरबांट किया जा रहा है। आरोपियों ने कब्र को जेसीबी से नष्ट कर दिया और बिना वफ्क अनुमति के लाखों रुपये के पेड़ काटकर बंदरबांट किया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।

मुख्य आरोपी और उनके प्रयास

इस कब्जे में मुख्य आरोपी सफीउल्ला, खलील, तुफैल हैं। वे किसी भी तरह से कब्रिस्तान पर अपने कब्जे को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कई तरह के कानूनी और गैर-कानूनी तरीके अपनाए हैं ताकि यह कब्रिस्तान उनके अधिकार में रहे।

आरोपियों के सहायक और उनकी भूमिका

इस कार्य में आरोपी के सहायक भी हैं, जिनमें इरफान, मोइन, सईद, ननकू नौवा, अनीस हलवाई जैसे लोग शामिल हैं। ये सभी कब्रिस्तान के विवाद को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, अंसारी परिवार के सदस्य जैसे नूरुल हसन, वहीदुल हसन, अजमत, सफीक, मासूम भी इस विवाद में साथ दे रहे हैं।

घटना का विस्तार

आज शाम 8 बजे, शाहिद अली किसी कार्य से जरवल गए हुए थे, जबकि उनके घर में उनकी पत्नी और बेटे अकेले थे। इसी मौके का लाभ उठाकर, आरोपियों ने ईदगाह के गेट को तोड़ दिया। इसके बाद, आरोपियों ने खुद अपनी गाड़ी पर स्क्रैच लगाए और फर्जी चोरी की कहानी गढ़ी। इसके बाद रफी अहमद ने पुलिस को कॉल करके शिकायत की कि उनके घर पर चोरी का प्रयास हुआ है।

प्रशासन की जांच और प्रतिक्रिया

घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की और शाहिद अली के परिवार से पूछताछ की। बाद में पुलिस को पता चला कि यह चोरी की खबर फर्जी थी, जिसके बाद आरोपियों को थाने में सुबह बुलाया गया।

आरोपियों की दुस्साहसिक हरकतें

इस घटनाक्रम के बाद, आरोपियों का साहस और बढ़ गया। उन्होंने शाहिद अली के घर पर पत्थर और ईंटें फेंकना शुरू कर दिया, जिससे उनके घर का दरवाजा टूट गया। स्थिति गंभीर होने पर शाहिद अली की पत्नी ने महिला हेल्पलाइन 1090 पर कॉल की। इसके बाद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया।

स्थानीय लोगों में भय और प्रशासन से अपील

इस घटना के बाद, ग्राम के लोग डरे हुए हैं। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों को आशंका है कि आरोपियों द्वारा किसी दिन बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है। कब्रिस्तान के मामले में जो लोग पैरवी कर रहे हैं, उनके ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का डर भी बना हुआ है।

अवैध कब्जा और फर्जी मुकदमे का खतरा

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि इस कब्रिस्तान के मामले में आरोपियों द्वारा दबाव बनाया न जा सके और फर्जी मुकदमों से लोगों को बचाया जा सके।