उम्मीदों का सफर

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: मंज़िल, साहिल, मुश्किल, हासिल, क़ाबिल  |  Radeef: चल
हर कदम पे एक नई मंज़िल को पाकर चल। तूफानों से लड़कर, साहिल को छूकर चल। राह में आएँगी कितनी भी मुश्किल, तू बस आगे चल। हर ख्वाब को हकीकत में बदल, कुछ ऐसा हासिल कर चल। अपनी हिम्मत को पहचान, तू है बहुत क़ाबिल, बस कर चल। न हारना कभी, न रुकना कभी, बस बढ़ते ही चल।

Ghazal — By Furkan S Khan

Kaafiya: हिम्मत, किस्मत, शौहरत, इबादत, बरकत  |  Radeef: रख
दिल में हमेशा एक जीत की हिम्मत रख। अपनी मेहनत पे भरोसा, न बदल अपनी किस्मत रख। पाने को दुनिया की सारी शौहरत, तू बस लगन रख। हर पल को अपनी इबादत सा, नेक इरादा रख। खुदा देगा तुझे हर काम में बरकत, बस तू सब्र रख। बुझने न पाए ये लौ कभी, तू इसे जलाए रख।