उम्मीदों का सफर: प्रेरणादायक हिंदी ग़ज़ल | Furkan S Khan
Furkan S Khan की यह प्रेरणादायक ग़ज़ल 'उम्मीदों का सफर' आपको हर मुश्किल का सामना कर आगे बढ़ने की हिम्मत देगी। पढ़ें और प्रेरित हों।
हर कदम पे एक नई मंज़िल को पाकर चल।
तूफानों से लड़कर, साहिल को छूकर चल।
राह में आएँगी कितनी भी मुश्किल, तू बस आगे चल।
हर ख्वाब को हकीकत में बदल, कुछ ऐसा हासिल कर चल।
अपनी हिम्मत को पहचान, तू है बहुत क़ाबिल, बस कर चल।
न हारना कभी, न रुकना कभी, बस बढ़ते ही चल।
Kaafiya मंज़िल, साहिल, मुश्किल, हासिल, क़ाबिल
Radeef चल
F
Poetry ByFurkan S Khan
दिल में हमेशा एक जीत की हिम्मत रख।
अपनी मेहनत पे भरोसा, न बदल अपनी किस्मत रख।
पाने को दुनिया की सारी शौहरत, तू बस लगन रख।
हर पल को अपनी इबादत सा, नेक इरादा रख।
खुदा देगा तुझे हर काम में बरकत, बस तू सब्र रख।
बुझने न पाए ये लौ कभी, तू इसे जलाए रख।
Kaafiya हिम्मत, किस्मत, शौहरत, इबादत, बरकत
Radeef रख
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Poetry ByFurkan S Khan
उम्मीदों का सफर
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: मंज़िल, साहिल, मुश्किल, हासिल, क़ाबिल | Radeef: चल
हर कदम पे एक नई मंज़िल को पाकर चल।
तूफानों से लड़कर, साहिल को छूकर चल।
राह में आएँगी कितनी भी मुश्किल, तू बस आगे चल।
हर ख्वाब को हकीकत में बदल, कुछ ऐसा हासिल कर चल।
अपनी हिम्मत को पहचान, तू है बहुत क़ाबिल, बस कर चल।
न हारना कभी, न रुकना कभी, बस बढ़ते ही चल।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: हिम्मत, किस्मत, शौहरत, इबादत, बरकत | Radeef: रख
दिल में हमेशा एक जीत की हिम्मत रख।
अपनी मेहनत पे भरोसा, न बदल अपनी किस्मत रख।
पाने को दुनिया की सारी शौहरत, तू बस लगन रख।
हर पल को अपनी इबादत सा, नेक इरादा रख।
खुदा देगा तुझे हर काम में बरकत, बस तू सब्र रख।
बुझने न पाए ये लौ कभी, तू इसे जलाए रख।
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