रियाद/मक्का: सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार 15 सितंबर 2026 की शाम मक्का मुकर्रमा के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को सऊदी वायु रक्षा ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही गिरा दिया गया।
यह घटना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सऊदी गठबंधन ने इसे 2017 के बाद मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश बताया है। हालांकि, हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है और कहा है कि यमन की ओर से मक्का या अन्य इस्लामी पवित्र स्थलों के खिलाफ कोई खतरा नहीं है।
2017 में मक्का की ओर दागी गई थी बैलिस्टिक मिसाइल
27 जुलाई 2017 को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि यमन से हूती-संबद्ध बलों ने मक्का की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मिसाइल को मक्का से लगभग 69 किलोमीटर दूर ताइफ प्रांत के अल-वस्लिया क्षेत्र में सऊदी एयर डिफेंस ने इंटरसेप्ट कर लिया था।
उस घटना में जमीन पर किसी नुकसान या किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी। हूती पक्ष से जुड़े स्रोतों ने उस समय कहा था कि दागी गई मिसाइल का लक्ष्य ताइफ स्थित किंग फहद एयर बेस था, न कि मक्का शहर। इसलिए 2017 की घटना में लक्ष्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग थे।
2016 में भी मक्का क्षेत्र की ओर मिसाइल का मामला सामने आया था
मक्का से जुड़ा इससे भी पुराना मामला 27 अक्टूबर 2016 का है। उस समय सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा था कि यमन के सादा प्रांत से मक्का क्षेत्र की दिशा में एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई, जिसे सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का से करीब 65 किलोमीटर दूर इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कोई नुकसान या चोट नहीं हुई थी। इसके बाद गठबंधन ने मिसाइल के कथित लॉन्च क्षेत्र पर हवाई हमला करने की बात कही थी। दूसरी ओर, हूती प्रवक्ता ने उस समय इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया था और कहा था कि उनका समूह पवित्र स्थलों को निशाना नहीं बनाता।
अब 2026 में फिर मक्का के करीब ड्रोन
15 सितंबर 2026 की शाम सामने आई ताजा घटना में सऊदी अधिकारियों के मुताबिक एक ड्रोन मक्का की ओर बढ़ रहा था। सऊदी एयर डिफेंस ने उसे मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले नष्ट कर दिया।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और जायरीनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
सऊदी अरब ने मंगलवार को मक्का, जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट भी जारी किए। रिपोर्टों के अनुसार, मक्का में यह हालिया क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान पहली ऐसी आपात चेतावनी थी और इसे कुछ समय बाद हटा लिया गया।
मक्का के अलावा तीन सऊदी शहरों पर भी हमले
ताजा तनाव सिर्फ मक्का तक सीमित नहीं रहा। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, 15 सितंबर से पहले सोमवार को हूती समूह की ओर से खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ क्षेत्रों में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, इन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए और सात घरों तथा दो वाहनों को नुकसान पहुंचा।
हूती समूह ने हालिया हमलों को यमन में सऊदी सैन्य कार्रवाई के जवाब के रूप में पेश किया है। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन इन हमलों को अपने नागरिकों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ हमला बताता है। दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है क्योंकि संघर्ष के दौरान हमलों के उद्देश्य और नुकसान को लेकर दावों में अंतर रहा है।
सऊदी-हूती संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई?
सऊदी अरब और हूती समूह के बीच संघर्ष का मौजूदा सैन्य चरण 2015 में तेज हुआ, जब सऊदी अरब ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य गठबंधन के साथ हस्तक्षेप किया।
हूती समूह ने यमन की राजधानी सना सहित देश के बड़े हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूती बलों के बीच लंबे समय तक संघर्ष चलता रहा।
पिछले कुछ वर्षों में संघर्ष की तीव्रता में कमी आई थी, लेकिन 2026 में क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच सऊदी अरब और हूती समूह के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है।
2017 के बाद अब फिर मक्का क्यों चर्चा में है?
2017 की घटना के बाद मक्का की दिशा में किसी हूती हमले का मामला लंबे समय तक प्रमुखता से सामने नहीं आया। अब सितंबर 2026 में मक्का के दक्षिण में ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की सऊदी घोषणा ने इस पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि वर्तमान घटना के बारे में सऊदी अधिकारियों का दावा और हूती पक्ष का बयान अलग है। सऊदी पक्ष इसे हूती ड्रोन बताकर मक्का की दिशा में खतरे के रूप में देखता है, जबकि हूती पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है।
घटनाओं की टाइमलाइन
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 27 अक्टूबर 2016 | सऊदी गठबंधन के अनुसार मक्का क्षेत्र की दिशा में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किया गया; हूती पक्ष ने जिम्मेदारी से इनकार किया। |
| 27 जुलाई 2017 | सऊदी गठबंधन के अनुसार मक्का की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्ट की गई। हूती पक्ष से जुड़े स्रोतों ने लक्ष्य ताइफ के किंग फहद एयर बेस को बताया। |
| 15 सितंबर 2026 | सऊदी अधिकारियों के अनुसार मक्का के दक्षिण में हूती ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले नष्ट किया गया। |
| 16 सितंबर 2026 | घटना की जानकारी व्यापक रूप से सामने आई और सऊदी अधिकारियों ने इसे 2017 के बाद मक्का से जुड़ी दूसरी ऐसी कोशिश बताया। |
आगे क्या?
मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट होने के बाद सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि पवित्र शहर और जायरीनों की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी खतरे को गंभीरता से लिया जाएगा। वहीं हूती पक्ष ने मक्का या अन्य पवित्र स्थलों को निशाना बनाने से इनकार किया है।
इस घटनाक्रम के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सऊदी अरब और हूती समूह के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की सैन्य कार्रवाई तथा बयानों पर नजर रहेगी।