सऊदी अरब ने 50 साल बाद खत्म किया कफाला सिस्टम, अब प्रवासी मजदूरों को मिलेगी आज़ादी और नए अधिकार

सऊदी अरब ने 50 साल बाद कफाला सिस्टम को खत्म कर दिया है। जानिए क्या था कफाला सिस्टम, कैसे शुरू हुआ और अब प्रवासी मजदूरों को कौन-कौन से नए अधिकार मिले हैं।

Furkan S Khan
Furkan S Khan
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Sunday, October 19, 2025
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सऊदी अरब ने 50 साल बाद खत्म किया कफाला सिस्टम, अब प्रवासी मजदूरों को मिलेगी आज़ादी और नए अधिकार
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19 October 2025
सऊदी अरब ने 50 साल बाद खत्म किया कफाला सिस्टम, अब प्रवासी मजदूरों को मिलेगी आज़ादी और नए अधिकार
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सऊदी अरब का ऐतिहासिक कदम

सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अपने 50 साल पुराने “कफाला सिस्टम” को आधिकारिक तौर पर खत्म कर दिया है। यह निर्णय जून 2025 में घोषित किया गया और इसका सीधा असर लगभग 1.3 करोड़ (13 मिलियन) विदेशी प्रवासी मजदूरों पर पड़ेगा, जो मुख्यतः दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से आते हैं। लंबे समय से इन मजदूरों को नौकरी बदलने और कानूनी अधिकारों में सीमाएं झेलनी पड़ती थीं।

क्या था कफाला सिस्टम और कैसे शुरू हुआ?

“कफाला” शब्द का अर्थ अरबी में “स्पॉन्सरशिप” यानी संरक्षण होता है। यह कोई प्राचीन परंपरा नहीं बल्कि 1950 के दशक में खाड़ी देशों द्वारा अपनाया गया एक आधुनिक श्रम प्रणाली थी। कफाला सिस्टम के तहत प्रवासी मजदूरों की कानूनी स्थिति पूरी तरह उनके नियोक्ता (कफील) पर निर्भर रहती थी। इसका मतलब यह था कि बिना नियोक्ता की अनुमति के मजदूर नौकरी नहीं बदल सकते थे, देश नहीं छोड़ सकते थे और कई मामलों में न्यायिक मदद भी नहीं ले सकते थे।

यह प्रणाली मूल रूप से प्रशासनिक जिम्मेदारी को निजी क्षेत्र पर डालने के लिए बनाई गई थी ताकि सरकार पर बोझ कम हो। लेकिन समय के साथ यह एक दमनकारी और विवादास्पद व्यवस्था बन गई, जिसने लाखों प्रवासी मजदूरों को शोषण और दुर्व्यवहार का शिकार बनाया। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे “जबरी मज़दूरी” और “आधुनिक दासता” तक करार दिया था।

सऊदी अरब की नई श्रम सुधार नीति

सऊदी सरकार ने अब कफाला सिस्टम को पूरी तरह समाप्त कर एक कॉन्ट्रैक्ट-आधारित रोजगार मॉडल लागू किया है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, इस नई प्रणाली में अब प्रवासी मजदूर:

  • बिना वर्तमान नियोक्ता की अनुमति के नौकरी बदल सकते हैं।
  • बिना एग्जिट वीजा के देश छोड़ सकते हैं।
  • कानूनी सुरक्षा और न्यायिक अधिकारों का लाभ उठा सकते हैं।

यह सुधार सऊदी अरब की “विज़न 2030” पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाना और प्रवासी मजदूरों के अधिकारों को मजबूत करना है।

कफाला सिस्टम के तहत प्रवासी मजदूरों की स्थिति

कफाला सिस्टम के तहत प्रवासी मजदूरों की स्थिति और आँकड़े इस प्रकार रहे:

  • कुल प्रवासी मजदूर: लगभग 1.34 करोड़ (13.4 मिलियन), जो सऊदी अरब की कुल जनसंख्या का 42% हैं।
  • मुख्य स्रोत देश: बांग्लादेश, भारत और अन्य दक्षिण एशियाई देश। वर्ष 2023 में 4.9 लाख से अधिक बांग्लादेशी और 4.2 लाख भारतीय नागरिक सऊदी अरब में रोजगार के लिए पहुंचे।
  • घरेलू कामगार: लगभग 40 लाख लोग घरेलू कामकाज में कार्यरत हैं, जिनमें सभी विदेशी नागरिक हैं।
  • रोजगार क्षेत्र: निर्माण, घरेलू काम, होटल उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र शामिल हैं।

नई सुधारों का प्रभाव: अब क्या बदलेगा?

सऊदी अरब द्वारा कफाला सिस्टम समाप्त करना लगभग 13 मिलियन प्रवासी मजदूरों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। अब मजदूर न केवल स्वतंत्र रूप से नौकरी बदल सकेंगे बल्कि बेहतर शर्तों पर अनुबंध कर सकेंगे। इससे मजदूरों को शोषण से राहत मिलेगी, कार्य परिस्थितियाँ सुधरेंगी और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि इन सुधारों को ज़मीनी स्तर पर लागू करना और उनकी निगरानी करना अत्यंत आवश्यक है। यदि यह सुधार सही ढंग से लागू किए गए तो यह गल्फ क्षेत्र के श्रम अधिकारों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

निष्कर्ष: सऊदी अरब का यह निर्णय न केवल अपने आर्थिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह उन लाखों प्रवासी मजदूरों के लिए भी उम्मीद की किरण है जो वर्षों से समानता और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

लेखक: Furkan S Khan | स्रोत: सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA), अल-अरबिया, बीबीसी अरबिक