best ghazal: मुसाफिर हैं हम तो चले जा रहे हैं, बड़ा ही सुहाना गजल का सफ़र है
मुसाफ़िर हैं हम तो चले जा रहे हैं, बड़ा ही सुहाना गजल का सफ़र है. पता पूछते हो तो इतना पता है, हमारा ठिकाना गुलाबी नगर है.
QR Code
मुसाफ़िर हैं हम तो चले जा रहे हैं, बड़ा ही सुहाना गजल का सफ़र है.
पता पूछते हो तो इतना पता है, हमारा ठिकाना गुलाबी नगर है.
ग़ज़ल ही हमारा अनोखा जहाँ है, ग़ज़ल प्यार की वो हसीं दासताँ है.
इसे जो भी सुनता है, वो झूमता है वो जादू है इसमें कुछ ऐसा असर है.
ना कोई थकन है, न कोई ख़लिश है मोहब्बत की जाने ये कैसी कशिश है.
जिसे देखिए वो चला जा रहा है, जहान-ए-ग़ज़ल की सुहानी डगर है.
वली, मीर, मोमिन ने इसको निखारा जिगर, दाग़, ग़ालिब ने इसको सँवारा.
इसे मोसिक़ी ने गले से लगाया ग़ज़ल आज दुनिया के पेश-ए-नज़र है.
यही है हमारा ताल्लुक़ ग़ज़ल से हम इसके लिए ये हमारे लिए है.
ये अपनी कहानी ज़माने में हसरत सभी को पता है, सभी को ख़बर है.
~गजल: रहनुमा फिल्म 1995 - उस्ताद अहमद हुसैन
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.
Related Posts
हर एक लम्हा है दिल में सवाल सा | फुरकान एस खान की श...
Verified as Web Developer
तेरी हसरत में – इश्क़ और एहसासों की गहरी शायरी
Verified as Web Developer
तेरी बातें, तेरा नाम – मोहब्बत की खूबसूरत शायरी
Verified as Web Developer
ज़िंदगी की सच्चाई पर बेहतरीन शायरी | Life Motivation...
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
33°C Bahraich
INR
EUR
GBP
AED
SAR
AUD
CAD
PKR
BDT
QAR
KWD
OMR
Comments (0)