मुंबई में रसोई गैस का संकट गहराया: रेस्तरां मालिक बोले, 'मेन्यू छोटा किया, ओवन में बन रहा खाना'
मुंबई के रेस्तरां संचालक LPG सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्हें मेन्यू छोटा करना पड़ा और खाना अब ओवन में बनाना पड़ रहा है।
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Key Highlights
- मुंबई में कई रेस्तरां LPG सिलेंडर की भारी कमी का सामना कर रहे हैं।
- रेस्तरां मालिकों ने मजबूरी में अपने मेन्यू को छोटा कर दिया है।
- गैस न होने के कारण कई पकवान अब ओवन या इलेक्ट्रिक चूल्हों पर बनाए जा रहे हैं।
मुंबई, मायानगरी, जहाँ की खाने-पीने की संस्कृति मशहूर है, वहाँ इन दिनों रेस्तरां संचालक एक बड़ी मुसीबत से जूझ रहे हैं। शहर के कई छोटे-बड़े भोजनालयों में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडर की किल्लत ने उनकी कमर तोड़ दी है। इस स्थिति से निपटने के लिए, उन्होंने अपने मेन्यू में कटौती की है और कई डिशेज अब ओवन या इलेक्ट्रिक हीटिंग उपकरणों पर तैयार की जा रही हैं।
पेट्रोलियम गैस की कमी: रेस्टोरेंट कारोबार पर असर
एक प्रमुख रेस्तरां मालिक, जिनका कोलाबा में एक मशहूर भोजनालय है, ने अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह अचानक से LPG सिलेंडरों की आपूर्ति कम हो गई है। यह सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
उन्होंने कहा, “हम पिछले कुछ हफ्तों से बहुत परेशान हैं। सिलेंडर मिलना मुश्किल हो गया है। एक समय था जब हमें एक दिन में ही 5-6 सिलेंडर मिल जाते थे, अब हफ़्तों इंतज़ार करना पड़ता है।” इस अनिश्चितता ने उनके रोज़मर्रा के संचालन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
मेन्यू छोटा, ओवन से काम
LPG की कमी का सीधा असर रेस्तरां के मेन्यू पर पड़ा है। कई ऐसे पकवान जिन्हें बनाने में अधिक गैस या तेज़ आंच की ज़रूरत होती थी, उन्हें अब लिस्ट से हटा दिया गया है। रेस्तरां मालिक ने बताया, “हमें अपने ग्राहकों को बताना पड़ रहा है कि कुछ खास डिशेज अभी उपलब्ध नहीं हैं। इससे कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “जो डिशेज गैस पर बनती थीं, उन्हें अब ओवन या छोटे इलेक्ट्रिक स्टोव पर बनाना पड़ रहा है। इसमें ज़्यादा समय लगता है और स्वाद में भी थोड़ा अंतर आ जाता है।” यह बदलाव न केवल रेस्तरां कर्मचारियों के लिए मुश्किल भरा है बल्कि ग्राहकों के अनुभव को भी प्रभावित कर रहा है।
वितरकों की अपनी समस्याएं
जब गैस वितरकों से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने भी अपनी मजबूरियाँ बताईं। उनका कहना है कि ऊपर से ही आपूर्ति कम है, जिससे उन्हें सभी ग्राहकों तक सिलेंडर पहुँचाने में दिक्कत आ रही है। वे भी इस स्थिति में फंसे हुए महसूस कर रहे हैं।
शहर में ऐसे कई व्यवसाय हैं जो अपनी दैनिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, जहां हर दिन एक नया महामुकाबला होता है। रेस्तरां मालिक उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे और उनकी रसोई में फिर से गैस की लौ जलेगी, ताकि वे अपने ग्राहकों को बिना किसी परेशानी के सेवा दे सकें। इस संकट से उबरने के लिए, कई रेस्तरां संचालक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी विचार कर रहे हैं।
इस संबंध में आगे की जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए Vews News पर बने रहें।
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