उदासी पर एक मार्मिक ग़ज़ल | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई उदासी पर एक खूबसूरत ग़ज़ल। तन्हाई और जुदाई के दर्द को बयां करती यह कविता हर दिल को छू जाएगी।
तन्हा: अकेला वीरानों: सुनसान जगह हूक: तीव्र वेदना या आह भँवर: चक्रवात, उलझन आहट: पदचाप, आवाज़ चेला: शिष्य, अनुयाvođa
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