ज़िंदगी पर ख़ूबसूरत ग़ज़ल: Furkan S Khan की कलम से
Furkan S Khan द्वारा प्रस्तुत ज़िंदगी पर एक मार्मिक ग़ज़ल। जीवन के उतार-चढ़ाव, प्रेम और विरह को दर्शाती ये कविता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।
रवानी: बहाव, प्रवाह मानिंद: समान, तरह फ़ानी: नश्वर, क्षणभंगुर गुलशन: बाग़, बगीचा संगम: मिलन, जुड़ाव फ़ुरक़त: जुदाई, विरह वस्ल: मिलन
मानिंद: समान, तरह दास्तान: कहानी बेमानी: अर्थहीन, व्यर्थ ओझल: अदृश्य, ग़ायब धुन: लय, मस्ती
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