हौसलों की उड़ान: Furkan S Khan की प्रेरक शायरी
Furkan S Khan की यह शायरी आपको हर मुश्किल में हौसला रखने और कभी हार न मानने की प्रेरणा देती है।
ये मंज़िलें भी झुकेंगी तेरी चाहत के आगे,
बस हौसला बुलंद रख, तू हार न मानो।
हर ठोकर सिखाएगी तुझे नया रास्ता,
बस चलना न छोड़, तू हार न मानो।
Kaafiya चाहत, छोड़
Radeef तू हार न मानो
F
Poetry ByFurkan S Khan
हर रात के बाद एक सवेरा आता है,
ग़म के बाद सुख का बसेरा आता है।
डर मत ऐ मुसाफ़िर, मंज़िल दूर नहीं,
जो चलता है, उसी का ज़माना आता है।
Kaafiya सवेरा, बसेरा, ज़माना
Radeef आता है
F
Poetry ByFurkan S Khan
तूफ़ानों से लड़कर अपनी राह बनाते चलो,
हर मुश्किल को हँसकर तुम हराते चलो।
ये दुनिया तुम्हारी हिम्मत को देखेगी एक दिन,
बस अपने सपनों को तुम सजाते चलो।
Kaafiya बनाते, हराते, सजाते
Radeef चलो
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Poetry ByFurkan S Khan
हौसलों की उड़ान
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: चाहत, छोड़ | Radeef: तू हार न मानो
ये मंज़िलें भी झुकेंगी तेरी चाहत के आगे,
बस हौसला बुलंद रख, तू हार न मानो।
हर ठोकर सिखाएगी तुझे नया रास्ता,
बस चलना न छोड़, तू हार न मानो।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: सवेरा, बसेरा, ज़माना | Radeef: आता है
हर रात के बाद एक सवेरा आता है,
ग़म के बाद सुख का बसेरा आता है।
डर मत ऐ मुसाफ़िर, मंज़िल दूर नहीं,
जो चलता है, उसी का ज़माना आता है।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बनाते, हराते, सजाते | Radeef: चलो
तूफ़ानों से लड़कर अपनी राह बनाते चलो,
हर मुश्किल को हँसकर तुम हराते चलो।
ये दुनिया तुम्हारी हिम्मत को देखेगी एक दिन,
बस अपने सपनों को तुम सजाते चलो।
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