अकेलेपन पर दिल छू लेने वाली शायरी | Furkan S Khan

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई अकेलेपन और उदासी पर एक दिल को छू लेने वाली शायरी। भीड़ में भी तन्हाई महसूस करने वालों के लिए।

Friday, September 11, 2026
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अकेलेपन पर दिल छू लेने वाली शायरी | Furkan S Khan
“अकेलेपन पर दिल छू लेने वाली शायरी | Furkan S Khan”
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Date
11 September 2026
अकेलेपन पर दिल छू लेने वाली शायरी | Furkan S Khan
Shayari
ज़िंदगी का सफ़र तन्हा अकेला है, भीड़ में भी दिल मेरा यूँ घबराए, जैसे कोई भूला भटका परिंदा, ढूंढ रहा हो अपना बसेरा है।
Kaafiya अकेला, मेला, सवेरा Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
बीते लम्हों का साया अब भी मुझ पर छाया है, हर याद जैसे काँटा बनकर दिल में चुभता है। टूटे सपने, बिखरे अरमान, सब कुछ अधूरा, ज़िंदगी का हर पल अब बस एक दर्द भरा है।
Kaafiya गुज़रा, बिखरा, ठहरा Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
जब भी तेरी याद आए, ये आँखें बरसती हैं, हर पल तेरी चाहत में दिल मेरा तरसता है। थक गया हूँ मैं अब इस इंतज़ार से, ज़िंदगी का हर लम्हा अब बोझ लगता है।
Kaafiya बरसता, तरसता, थकता Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

तन्हा: अकेला, बसेरा: घर/आशियाना

अरमान: इच्छाएँ, ख्वाहिशें

चाहत: प्रेम, इच्छा, इंतज़ार: प्रतीक्षा

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Zainab Khatoon
लेखक

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