इश्क़ ही मेरा: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिलकश हिंदी ग़ज़ल

फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित 'इश्क़ ही मेरा' ग़ज़ल में सच्चे प्यार और महबूब के प्रति असीम समर्पण का अद्भुत चित्रण। हिंदी शायरी के प्रेमियों के लिए एक अनमोल नज़राना।

Saturday, September 5, 2026
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इश्क़ ही मेरा: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिलकश हिंदी ग़ज़ल
“इश्क़ ही मेरा: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिलकश हिंदी ग़ज़ल”
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https://vews.in/hum-aur-zindagi/ishq-hi-mera-furkan-s-khans-captivating-hindi-ghazal
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05 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
दिल में जो समाया है, वो सिर्फ़ तू ही मेरा है। हर धड़कन में बजता, तेरा ही सवेरा है। कभी धूप है जीवन, कभी घना अँधेरा है। हर हाल में तू ही तो, मेरा आसरा, मेरा है। ये दुनिया के मेले, ये भीड़ का बसेरा है। तेरी बाहों में ही, मेरा सच्चा घेरा है। जो भी ज़ख्म दिए हैं, उन्हें भी मैंने सह लिया है। तेरे प्यार में जीना, मेरा सबसे बड़ा डेरा है। हर साँस में तेरी ख़ुशबू, हर लफ़्ज़ में तेरा नाम है। ये इश्क़ ही तो मेरा, सबसे हसीन चेहरा है।
Ghazal — By Furkan S Khan
जब से तुमको देखा है, जीना हमने सीख लिया है। तेरी आँखों के सागर में, खुद को हमने खो दिया है। जो भी ख़्वाब बुने थे हमने, सब तुझको ही दिया है। तेरे नाम की माला को, हर साँस में हमने पिरो दिया है। तेरी यादों में खोकर, हर लम्हा हमने जिया है। तेरी मोहब्बत का जाम, हमने भर-भर पिया है। क्या कहें इस दिल का, जो तेरे लिए बावरा हुआ है। तेरी चाहत में हमने, हर दर्द को सह लिया है। ये कैसा जादू है तेरा, जो मुझ पर छा गया है। हर पल तेरी दीवानगी में, खुद को फ़ना किया है।
Ghazal — By Furkan S Khan
ये दिल जो धड़का है, इसमें तेरा पता क्या है। जो रूह को छू जाए, वो तेरी वफ़ा क्या है। हर शाम ढलती है, हर सुबह की सदा क्या है। तेरे बिन ये ज़िंदगी, एक सूनी फ़ज़ा क्या है। जो दर्द तूने दिया है, उसकी ये सज़ा क्या है। तेरी मोहब्बत से बढ़कर, कोई और दवा क्या है। ये कैसी कश्मकश है, ये कैसी जफ़ा क्या है। बिन तेरे जीना भी, अब एक बड़ी खता क्या है। हर लफ़्ज़ में तेरी चाहत, हर नज़्म में तेरी दुआ। ये इश्क़ नहीं तो फिर, और भला ये क्या है।

इस ग़ज़ल में शायर ने अपने महबूब को ही अपना सब कुछ माना है। 'सवेरा' यहाँ उम्मीद और नई शुरुआत का प्रतीक है। 'अँधेरा' मुश्किलों और दुखों को दर्शाता है। 'बसेरा' का अर्थ है निवास स्थान। 'घेरा' सुरक्षा और आलिंगन को इंगित करता है। 'डेरा' यहाँ जीवन के आधार या ठिकाने के रूप में प्रयुक्त हुआ है। 'चेहरा' इश्क़ के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है।

यह ग़ज़ल इश्क़ की दीवानगी और महबूब के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाती है। 'सागर में खो दिया' का अर्थ है पूरी तरह से लीन हो जाना। 'पिरो दिया' का अर्थ है गूँथना या जोड़ना। 'बावरा' का अर्थ है पागल या दीवाना। 'जाम पिया' मोहब्बत के नशे में डूबना दर्शाता है। 'फ़ना किया' का अर्थ है खुद को मिटा देना या पूरी तरह समर्पित कर देना।

इस ग़ज़ल में शायर ने मोहब्बत के गहरे अहसासों और महबूब की अहमियत को बयाँ किया है। 'पता' यहाँ महबूब की उपस्थिति और प्रभाव को दर्शाता है। 'वफ़ा' का अर्थ है निष्ठा या ईमानदारी। 'सदा' का अर्थ है आवाज़ या पुकार। 'फ़ज़ा' का अर्थ है वातावरण। 'जफ़ा' का अर्थ है बेवफ़ाई या अत्याचार। 'खता' का अर्थ है गलती। 'दुआ' का अर्थ है प्रार्थना।

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Zainab
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