इश्क़ की रौशनी: फ़ुरक़ान एस ख़ान की दिल छू लेने वाली नज़्म
फ़ुरक़ान एस ख़ान की ख़ूबसूरत नज़्म 'इश्क़ की रौशनी' में प्रेम के गहरे एहसास और जीवन में उसके महत्व को महसूस करें। दिल को छू लेने वाली पंक्तियाँ।
रौशनी: प्रकाश, उजाला। बंदगी: इबादत, भक्ति। मंज़िल: लक्ष्य, गंतव्य। मेहमान: अतिथि। सूनी: खाली, वीरान। रवानी: प्रवाह, गति। सजी: सुसज्जित, सँवरी हुई।
लबों: होठों पर। एहसास: अनुभव, अनुभूति। ज़ुबाँ: ज़बान, भाषा। गिला: शिकायत, शिकवा। इबादत: पूजा, भक्ति। पाक: पवित्र, शुद्ध। रिश्ता: संबंध, नाता।
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