उदासी भरी शायरी: अधूरे ख्वाबों का दर्द

दिल को छू लेने वाली उदासी भरी शायरी। अधूरे ख्वाबों और गहरे दर्द को बयां करती यह कविता आपकी भावनाओं को व्यक्त करेगी।

Wednesday, September 9, 2026
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उदासी भरी शायरी: अधूरे ख्वाबों का दर्द
“उदासी भरी शायरी: अधूरे ख्वाबों का दर्द”
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https://vews.in/hum-aur-zindagi/sad-shayari-the-pain-of-unfulfilled-dreams
Date
09 September 2026
Shayari — By Furkan S Khan
दिल में छुपा है दर्द का गहरा राज़, हर साँस में है उदासी का अंदाज़। टूटे हुए ख्वाबों की बिखरी है तस्वीर, अब तो हर पल है बस गमों की तासीर।
Shayari — By Furkan S Khan
अकेलेपन का साया है हर शाम, दिल में बसी है तेरी यादों का जाम। कोई नहीं सुनने वाला अब ये फ़रियाद, बस रह गई है आँखों में एक नम याद।
Shayari — By Furkan S Khan
लबों पे हँसी है मगर आँखें नम हैं, छिपाए हुए दिल में हजारों गम हैं। क्या कहें किसी से ये दास्तान-ए-ज़िंदगी, जब अपनी ही साँसों में बसती है बेबसी।

राज़: रहस्य, भेद (Secret, mystery) अंदाज़: ढंग, तरीका (Style, manner) तासीर: असर, प्रभाव (Effect, influence)

साया: परछाई (Shadow) जाम: प्याला (Cup, often metaphorical for something consumed) फ़रियाद: शिकायत, गुहार (Plea, complaint) नम: गीली (Wet, here implying tears)

लबों: होंठों (Lips) नम: गीली (Wet, teary) गम: दुख (Sorrow) दास्तान-ए-ज़िंदगी: जीवन की कहानी (Story of life) बेबसी: लाचारी, असहायता (Helplessness)

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Zainab
लेखक

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