उदासी का आगोश: Furkan S Khan की दर्द भरी क़िता
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'उदासी का आगोश' क़िता पढ़ें, जो दिल के दर्द और अकेलेपन को बयां करती है।
वीरान: सुनसान, उजाड़। आगोश: गोद, घेरा। दम तोड़ना: समाप्त होना, मर जाना।
अश्क: आँसू। रवानी: बहाव। तन्हाई: अकेलापन। परछाईं: छाया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
38°C Riyadh
Comments (0)