उदासी के लम्हे: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली नज़्म

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई उदासी पर एक मार्मिक नज़्म, जो दिल के दर्द और तन्हाई को बयां करती है।

Thursday, August 27, 2026
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उदासी के लम्हे: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली नज़्म
“उदासी के लम्हे: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली नज़्म”
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27 August 2026
उदासी के लम्हे: Furkan S Khan की दिल को छूने वाली नज़्म
Nazm
मन में एक सूनापन गहरा है आँखों में बस अश्क ठहरा है हर लम्हा अब भारी लगता है जैसे कोई गम का पहरा है
Kaafiya अंधेरा, सवेरा Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Nazm
दिल में जो खामोशी का शोर है समझ नहीं आता ये कैसा दौर है रातें कटती नहीं, नींद आती नहीं बस इंतज़ार किसी भोर है
Kaafiya शोर, भोर Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Nazm
पुरानी बातें, वो बीती यादें आज भी सताती हैं, जैसे छाँव के साये खोया खोया सा रहता हूँ मैं जब भी आती हैं तेरी बेवजह राहें
Kaafiya यादें, बाहें Radeef हैं
F Poetry ByFurkan S Khan

उदासी के लम्हे

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: अंधेरा, सवेरा  |  Radeef: है
मन में एक सूनापन गहरा है आँखों में बस अश्क ठहरा है हर लम्हा अब भारी लगता है जैसे कोई गम का पहरा है

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: शोर, भोर  |  Radeef: है
दिल में जो खामोशी का शोर है समझ नहीं आता ये कैसा दौर है रातें कटती नहीं, नींद आती नहीं बस इंतज़ार किसी भोर है

Nazm — By Furkan S Khan

Kaafiya: यादें, बाहें  |  Radeef: हैं
पुरानी बातें, वो बीती यादें आज भी सताती हैं, जैसे छाँव के साये खोया खोया सा रहता हूँ मैं जब भी आती हैं तेरी बेवजह राहें

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Zainab Khatoon
लेखक

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