उम्मीदों का सवेरा: Furkan S Khan की प्रेरणादायक गज़ल
Furkan S Khan की 'उम्मीदों का सवेरा' गज़ल से प्रेरणा लें। जीवन के अंधेरों में भी उम्मीद की किरण खोजें।
हर पल एक नई सुबह का सवेरा है,
न हो मायूस, तू अकेला नहीं मेरा है।
भले ही छा जाए गहरा अंधेरा,
यकीन रख, रोशन होगा तेरा बसेरा है।
Kaafiya सवेरा, अंधेरा, बसेरा
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
सुन ले तू मंज़िल की जो पुकार,
आने ही वाली है तेरे जीवन में बहार।
जो दिल में है तेरा वो इक़रार,
सच्चाई की राह पर तेरा अधिकार है।
Kaafiya पुकार, बहार, इक़रार
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
भर ले तू एक उड़ान नई,
छू ले तू आसमां की ऊंचाई।
जो दिल में तेरे वो सच्चाई,
इसी में तेरी भलाई है।
Kaafiya नई, ऊंचाई, सच्चाई
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
उम्मीदों का सवेरा
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: सवेरा, अंधेरा, बसेरा | Radeef: है
हर पल एक नई सुबह का सवेरा है,
न हो मायूस, तू अकेला नहीं मेरा है।
भले ही छा जाए गहरा अंधेरा,
यकीन रख, रोशन होगा तेरा बसेरा है।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: पुकार, बहार, इक़रार | Radeef: है
सुन ले तू मंज़िल की जो पुकार,
आने ही वाली है तेरे जीवन में बहार।
जो दिल में है तेरा वो इक़रार,
सच्चाई की राह पर तेरा अधिकार है।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: नई, ऊंचाई, सच्चाई | Radeef: है
भर ले तू एक उड़ान नई,
छू ले तू आसमां की ऊंचाई।
जो दिल में तेरे वो सच्चाई,
इसी में तेरी भलाई है।
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