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हम और ज़िंदगी
ज़िन्दगी का अजब रंग: एक दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
फ़ुरकान एस खान द्वारा लिखी गई ज़िन्दगी पर एक खूबसूरत ग़ज़ल, जो जीवन के उतार-चढ़ावों और उसके रहस्यों को बयां करती है।
Monday, September 7, 2026
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“ज़िन्दगी का अजब रंग: एक दिल छू लेने वाली ग़ज़ल”
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Date
07 September 2026
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Ghazal — By Furkan S Khan
ज़िन्दगी एक अजब सा रंग है, हँसता रहा,
हर पल में एक नया सबक है, चलता रहा।
कभी धूप है, कभी छाँव है, ये क़िस्मत का खेल,
कभी जीत की ख़ुशी है, कभी हारा गया।
इस जहाँ में हर कोई मुसाफ़िर है यहाँ,
कोई जल्दी पहुँच गया, कोई देर से समाया है।
ये ज़िन्दगी का सफ़र है, बस चलते जाना है,
हर मोड़ पे एक नया राज़ छुपाया है।
Kaafiya: रहा, गया, समाया
Radeef: है
Ghazal — By Furkan S Khan
हर लम्हा एक कहानी है, जो बीत रहा,
हर मोड़ पे कोई अपना, कहीं मिल गया।
कभी आँखों में आँसू, कभी होंठों पे हँसी,
ये ज़िन्दगी का तराना है, जो हर पल खिला।
जो खो गया, उसे क्या पाना, जो मिल गया, उसे संजो ले,
हर पल का अपना मतलब है, जो समझ लिया।
ये ज़िन्दगी एक ख़्वाब है, कभी सच, कभी फ़रेब,
इसकी हक़ीक़त को जो जान गया, वही खिला।
Kaafiya: बिता, मिला, खिला
Radeef: है
अजब: अनोखा, विचित्र सबक: सीख क़िस्मत: भाग्य मुसाफ़िर: यात्री राज़: रहस्य
लम्हा: पल ज़िन्दगी का तराना: जीवन का संगीत संजो ले: संभाल कर रख ले फ़रेब: धोखा हक़ीक़त: सच्चाई
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