ज़िंदगी के सफ़र में तन्हाई: एक दर्द भरी शायरी

एक दिल को छू लेने वाली शायरी जो ज़िंदगी के सफ़र में तन्हाई और अकेलेपन के अहसास को बयां करती है।

Wednesday, August 26, 2026
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ज़िंदगी के सफ़र में तन्हाई: एक दर्द भरी शायरी
“ज़िंदगी के सफ़र में तन्हाई: एक दर्द भरी शायरी”
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26 August 2026
ज़िंदगी के सफ़र में तन्हाई: एक दर्द भरी शायरी
Shayari
हर मोड़ पर तन्हाई का अहसास है, जैसे भीड़ में भी मैं अकेला हूँ। ज़िंदगी का ये कैसा मेला है, हर चेहरे पर अनजानापन है, मैं किससे मिला हूँ।
Kaafiya अकेला, मेला Radeef हूँ
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
वो बीते लम्हे अब भी दिल में बसे हैं, यादों के साये मुझको घेरे हैं। कैसे भूल जाऊं वो पल सारे, हर आहट में बस तुमको ढूँढते हैं।
Kaafiya बीते, समेटे Radeef हैं
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
लबों पर खामोशी, आँखों में अश्क हैं, दिल के दर्द से हम कितने परेशां हैं। टूटे हुए सपनों का शोर है इतना, हर रात जुगनुओं की तरह बेताब हैं।
Kaafiya अश्क, परेशां Radeef हैं
F Poetry ByFurkan S Khan

ज़िंदगी का सफ़र

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: अकेला, मेला  |  Radeef: हूँ
हर मोड़ पर तन्हाई का अहसास है, जैसे भीड़ में भी मैं अकेला हूँ। ज़िंदगी का ये कैसा मेला है, हर चेहरे पर अनजानापन है, मैं किससे मिला हूँ।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: बीते, समेटे  |  Radeef: हैं
वो बीते लम्हे अब भी दिल में बसे हैं, यादों के साये मुझको घेरे हैं। कैसे भूल जाऊं वो पल सारे, हर आहट में बस तुमको ढूँढते हैं।

Shayari — By Furkan S Khan

Kaafiya: अश्क, परेशां  |  Radeef: हैं
लबों पर खामोशी, आँखों में अश्क हैं, दिल के दर्द से हम कितने परेशां हैं। टूटे हुए सपनों का शोर है इतना, हर रात जुगनुओं की तरह बेताब हैं।

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Zainab Khatoon
लेखक

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