इश्क़ का सफ़र: Furkan S Khan द्वारा प्रेम पर एक खूबसूरत नज़्म
Furkan S Khan की कलम से निकली इश्क़ पर एक दिलकश नज़्म, जो प्रेम के सफर को बयां करती है।
तेरी आँखों में जो मंज़िल है,
मेरी दुनिया वहीं हासिल है।
तेरे बिन हर लम्हा मुश्किल है,
तू ही मेरी मंज़िल है।
Kaafiya नज़र, सहर, असर
Radeef है
F
Poetry ByFurkan S Khan
मेरी हर धड़कन में तू ही तू है,
तेरी यादों में हर पल रोता हूँ।
जब तू ना हो, सब कुछ सूना है,
तेरे बिना मैं क्या हूँ?
Kaafiya धड़कनें, तड़पें, सुलझें
Radeef हैं
F
Poetry ByFurkan S Khan
इश्क़ का सफ़र
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: नज़र, सहर, असर | Radeef: है
तेरी आँखों में जो मंज़िल है,
मेरी दुनिया वहीं हासिल है।
तेरे बिन हर लम्हा मुश्किल है,
तू ही मेरी मंज़िल है।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: धड़कनें, तड़पें, सुलझें | Radeef: हैं
मेरी हर धड़कन में तू ही तू है,
तेरी यादों में हर पल रोता हूँ।
जब तू ना हो, सब कुछ सूना है,
तेरे बिना मैं क्या हूँ?
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