बहराइच: सैयद सलार मसूद गाजी दरगाह पर लगने वाले जेठ मेला को रद्द करने का अजीबों गरीब तर्क
बहराइच में सैयद सलार मसूद गाजी की दरगाह पर जेठ मेला 15 मई 2025 से शुरू होगा। मेला रद्द करने और बैरियर लगाने की मांग पर प्रशासन ने सख्ती और जांच की घोषणा की। जानें पूरी खबर।
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बहराइच, उत्तर प्रदेश: बहराइच शहर में स्थित सैयद सलार मसूद गाजी की दरगाह पर हर साल आयोजित होने वाला ज्येष्ठ मेला इस बार 15 मई 2025 से शुरू होगा। यह मेला दरगाह परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इस बार मेले को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मेले को रद्द करने और दरगाह के आसपास बैरियर लगाने की मांग की है। इस मांग के बाद प्रशासन ने सख्ती और जांच का आश्वासन दिया है।
हिंदू संगठनों का दावा है कि मेला क्षेत्र में अराजकता और असामाजिक गतिविधियाँ बढ़ती हैं, जिससे सामाजिक समरसता को खतरा है। दूसरी ओर, दरगाह कमेटी ने मेले को एक ऐतिहासिक परंपरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग को धार्मिक भावनाओं पर हमला करार दिया है। इस विवाद के बीच प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की है।
ज्येष्ठ मेले का आयोजन और विवाद की वजह
सैयद सलार मसूद गाजी की दरगाह पर ज्येष्ठ मेला हर साल ज्येष्ठ माह में आयोजित होता है। इस बार मेला 15 मई 2025, रविवार से शुरू होगा और एक सप्ताह तक चलेगा। मेला दरगाह परिसर में ही आयोजित होगा, जिसमें चादर चढ़ाने, सांस्कृतिक आयोजन, और स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानों का आयोजन किया जाएगा। हर साल लाखों लोग इस मेले में शामिल होते हैं। लेकिन इस बार हिंदू संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मेले को लेकर आपत्ति जताई है। उनकी मुख्य माँगें इस प्रकार हैं:
- मेले को रद्द करना, क्योंकि यह क्षेत्र में अराजकता और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।
- दरगाह के आसपास बैरियर लगाना ताकि मेला क्षेत्र सीमित हो और व्यवस्था बनी रहे।
- मेले में होने वाली कथित अवैध गतिविधियों, जैसे जुआ और शराबखोरी, पर सख्त कार्रवाई करना।
दरगाह कमेटी ने इन माँगों का विरोध करते हुए कहा कि यह मेला सदियों पुरानी परंपरा है और इसे रद्द करना समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाएगा। कमेटी ने प्रशासन से मेले को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने में सहयोग की अपील की है।
“यह मेला हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे रद्द करना हमारी भावनाओं को आहत करेगा।”
– सैयद सलार मसूद गाजी दरगाह कमेटी
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
इस विवाद को देखते हुए बहराइच प्रशासन और पुलिस ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। प्रशासन ने निम्नलिखित उपायों की घोषणा की है:
- मेले से पहले और बाद में दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चेकपोस्ट लगाए जाएँगे।
- दरगाह पर आने-जाने वाले लोगों की सघन जाँच की जाएगी।
- मेले में कथित अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती होगी।
- दरगाह के आसपास के प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात होगा।
- सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले के अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी कहा कि यदि मेला क्षेत्र में अराजकता या असामाजिक गतिविधियाँ पाई गईं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आपत्तियाँ
हिंदू संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी माँगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मेला क्षेत्र में अराजकता और असामाजिक गतिविधियाँ बढ़ती हैं। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- मेले में कथित तौर पर हिंदुओं को निशाना बनाकर उत्पीड़न की घटनाएँ होती हैं।
- मेले में अवैध गतिविधियाँ जैसे जुआ और शराबखोरी आम हैं।
- मेले के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
- मेले से सामाजिक समरसता को नुकसान पहुँचता है।
सामाजिक कार्यकर्ता रामचंद्र कुशवाहा ने कहा:
“मेले को रद्द करना ही एकमात्र समाधान है। यह मेला अब परंपरा नहीं, बल्कि अराजकता का केंद्र बन गया है।”
सामाजिक समरसता पर प्रभाव
यह विवाद बहराइच में सामाजिक समरसता पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। ज्येष्ठ मेला दोनों समुदायों के लिए एक सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इस तरह के विवादों ने तनाव को बढ़ाया है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जाँच करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मेला शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होता है, तो यह दोनों समुदायों के बीच एकता का प्रतीक बन सकता है। लेकिन इसके लिए प्रशासन को सख्ती और पारदर्शिता दिखानी होगी।
मेले की विशेषताएँ
सैयद सलार मसूद गाजी दरगाह का ज्येष्ठ मेला अपनी कुछ खास विशेषताओं के लिए जाना जाता है:
- दरगाह पर चादर चढ़ाने की परंपरा।
- सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन।
- स्थानीय हस्तशिल्प और खानपान की दुकानें।
- लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी।
प्रशासन की सलाह
चेतावनी: प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। मेले में किसी भी तरह की अराजकता या असामाजिक गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
सैयद सलार मसूद गाजी दरगाह पर 15 मई 2025 से शुरू होने वाला ज्येष्ठ मेला इस बार विवादों के घेरे में है। हिंदू संगठनों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की मेला रद्द करने और बैरियर लगाने की मांग के बाद प्रशासन ने सख्ती और जाँच का आश्वासन दिया है। यह मेला बहराइच के लिए एक सांस्कृतिक धरोहर है, लेकिन इस बार यह सामाजिक समरसता की परीक्षा भी बन गया है। प्रशासन और दोनों समुदायों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और क्षेत्र में एकता बनी रहे।
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