सत्य निकेतन हादसा: नियमों को ताक पर रखकर बनीं 'मौत की इमारतें', प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
दिल्ली के सत्य निकेतन में नियमों के उल्लंघन से बनीं अवैध PG इमारतों ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Key Highlights
- सत्य निकेतन में निर्धारित ढाई मंजिल की अनुमति के बावजूद कई इमारतों को पांच मंजिला तक खड़ा कर दिया गया है।
- अधिकांश PG संचालकों के पास अग्निशमन विभाग की अनिवार्य NOC तक उपलब्ध नहीं है।
- नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है, जिससे अवैध निर्माण का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
अवैध निर्माण और खतरों का जाल
दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका, जो छात्रों का प्रमुख ठिकाना माना जाता है, आज एक बड़ी त्रासदी के मुहाने पर खड़ा है। यहाँ नियम कायदों की धज्जियां उड़ाकर बनाई गई पांच मंजिला इमारतें किसी बड़े खतरे का संकेत दे रही हैं। सरकारी रिकॉर्ड में जहां केवल ढाई मंजिल के निर्माण की अनुमति है, वहां जमीन की लालच में पांच-पांच मंजिलें तान दी गई हैं।
Frequently Asked Questions
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