पत्थर बनाम पैलेट गन: कश्मीर से जंतर-मंतर तक, क्या लोकतंत्र अंधा कर सकता है?

कश्मीर के अशांत इलाकों से दिल्ली के जंतर-मंतर तक, पैलेट गन का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए एक विवादास्पद मुद्दा बन गया है।

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Friday, July 24, 2026
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पत्थर बनाम पैलेट गन: कश्मीर से जंतर-मंतर तक, क्या लोकतंत्र अंधा कर सकता है?
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24 July 2026
पत्थर बनाम पैलेट गन: कश्मीर से जंतर-मंतर तक, क्या लोकतंत्र अंधा कर सकता है?

मुख्य अंश

  • कश्मीर में पैलेट गन का उपयोग मानवाधिकारों के हनन का गंभीर आरोप।
  • जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों में इसी हथियार का प्रयोग, चिंताएं बढ़ीं।
  • लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर बहस तेज।

अश्रु गैस और पैलेट गन: विरोध पर नियंत्रण की कहानी

एक ओर कश्मीर की वादियों से छनकर आती पैलेट गन से घायल हुए लोगों की कहानियाँ, दूसरी ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर गूँजती विरोध की आवाज़ें। दोनों के बीच एक कड़वी सच्चाई है – सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पैलेट गन। यह कोई नई बात नहीं है, पर जब इसका इस्तेमाल राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में हो, तो सवाल उठना लाज़मी है।

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