बहराइच: वजीरगंज बुलडोजर कार्रवाई: रोती महिला बोली - 'मेरा आदमी विकलांग है, छोटे बच्चे लेकर कहां जाऊं
हाईकोर्ट के आदेश पर बहराइच जिले के फखरपुर थाना क्षेत्र के सरायजगना गांव में 23 अवैध भवनों को गिराया गया। प्रभावित लोगों ने कार्रवाई के दौरान रोते हुए अपनी व्यथा व्यक्त की। यह कार्रवाई सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से की गई थी।
This post is archived
This content is no longer updated and is kept for historical purposes.
बहराइच में बुलडोजर कार्रवाई: रोती महिला बोली - 'मेरा आदमी विकलांग है, छोटे बच्चे लेकर कहां जाऊं'
Table of Contents
बहराइच, उत्तर प्रदेश:
हाईकोर्ट के आदेश पर बहराइच जिले में प्रशासन ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें 23 अवैध भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह कार्रवाई फखरपुर थाना क्षेत्र के सरायजगना गांव में चल रही है, जहां खलिहान और रास्ते की जमीन पर बने अवैध भवनों को हटाने का आदेश दिया गया था। प्रशासन ने पहले ही इन भवनों के मालिकों को 7 दिन का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद आज यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
यह मामला तब शुरू हुआ जब एक स्थानीय महिला हदीसुन ने लगभग एक साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने रास्ते पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद, हाईकोर्ट ने गाटा संख्या 211, 212, और 92 पर बने अवैध संरचनाओं को गिराने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद प्रशासन ने लोगों को अपने घर खाली करने के निर्देश दिए थे। कई लोगों ने स्वयं अपने मकानों को खाली कर दिया, लेकिन कई लोग तब तक अपने घरों में बने रहे जब तक बुलडोजर नहीं आ गया।
महिलाओं और बुजुर्गों की व्यथा
कार्रवाई के दौरान कई दिल दहला देने वाले दृश्य भी देखने को मिले। बुलडोजर जब एक महिला के घर के पास पहुंचा, तो वह फूट-फूट कर रोने लगी। महिला ने गुस्से और दुख के साथ कहा, "मेरा आदमी विकलांग है और छोटे-छोटे बच्चे हैं। हम अब कहां जाएं?" यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।
प्रभावित भवन और प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 211, 212 और 92 में अवैध रूप से बने भवनों को चिन्हित किया गया था। इनमें से कुछ मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने थे, जो इस कार्रवाई का हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा, गाटा संख्या 92 पर एक टेलीफोन एक्सचेंज भी स्थित है, जिसे हटाने की संभावना जताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की शांति भंग की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस और 1 प्लाटून पीएसी तैनात की गई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बुलडोजर ने उजाड़े घर और दुकानें
सुबह 10 बजे से प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी थी। कई लोगों ने अपने सामान और मकान को खुद ही हटाना शुरू कर दिया, लेकिन जब बुलडोजर आया, तो कुछ लोगों की आशाएं टूट गईं। 11 बजे के बाद से अवैध भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें कई दुकानों और घरों को गिरा दिया गया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई से प्रभावित स्थानीय लोग निराश और हताश हैं। उनका कहना है कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे थे, और अचानक उनके घरों को अवैध करार देकर गिरा दिया गया। कुछ लोगों ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें समय नहीं दिया, और उनके पास अब सिर छिपाने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है।
अधिकारियों की सफाई
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी आदेशों के तहत की जा रही है। पहले ही लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और उन्हें पर्याप्त समय दिया गया था। प्रशासन ने कहा कि अवैध निर्माण को हटाना आवश्यक था, क्योंकि यह सार्वजनिक भूमि पर बना था, जिससे अन्य लोगों को असुविधा हो रही थी।
आगे की कार्रवाई
अब देखना यह है कि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग क्या कदम उठाते हैं। कई लोग कोर्ट में फिर से याचिका दायर करने की सोच रहे हैं, ताकि उन्हें उनके घर वापस मिल सकें या उचित मुआवजा मिल सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
25°C Bahraich
Comments (0)