तन्हाई का दर्द - Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी

Furkan S Khan द्वारा लिखी गई तन्हाई और अकेलेपन पर एक खूबसूरत शायरी, जो आपके दिल को छू जाएगी।

Sunday, August 23, 2026
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तन्हाई का दर्द - Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी
“तन्हाई का दर्द - Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी”
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23 August 2026
तन्हाई का दर्द - Furkan S Khan की दर्द भरी शायरी
Shayari
इस भीड़ में भी तन्हा खड़ा हूँ, जैसे कोई रास्ता भूला हुआ हूँ। हर चेहरा अजनबी सा लगता है, इस दुनिया के मेले में अकेला हूँ।
Kaafiya अकेला, मेला Radeef हूँ
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
लबों पे हँसी है, पर दिल में उदासी है, आँखों में छुपी एक अनकही कहानी है। यादों की हर आहट में तेरी ही निशानी है, ये खामोशी भी तेरी मेहरबानी है।
Kaafiya कहानी, निशानी Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
हर खुशी रूठी सी लगती है, जैसे अधूरी सी कोई ज़िंदगी है। मोहब्बत की राहों में ठोकर लगी है, बची बस अश्कों की बंदगी है।
Kaafiya ज़िंदगी, बंदगी Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

तन्हाई का दर्द

Shayari By Furkan S Khan

Kaafiya: अकेला, मेला

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News Desk
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