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हम और ज़िंदगी
प्रेरणादायक क़िता: नई सुबह का पैगाम | Furkan S Khan
फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित एक सुंदर क़िता जो हमें अंधकार से लड़कर नई सुबह लाने और मेहनत से सफलता पाने की प्रेरणा देता है।
Sunday, August 23, 2026
https://vews.in/नई-सुबह-का-पैगाम
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“प्रेरणादायक क़िता: नई सुबह का पैगाम | Furkan S Khan”
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https://vews.in/नई-सुबह-का-पैगाम
Date
23 August 2026
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https://vews.in/नई-सुबह-का-पैगाम
"
Qita By Furkan S Khan
अंधेरों से लड़कर जो सूरज निकलता है,
हर सुबह एक नया पैगाम देता है।
उठो, जागो, अपनी राह ख़ुद बनाओ तुम,
कि मेहनत करने वालों का ही वक़्त बदलता है।
Kaafiya: निकलता, बदलता
Radeef: है
"
Qita By Furkan S Khan
राहों में अगर कांटे बिछे हों तो क्या,
क़दमों में तेरे दम है, ये ज़माना जानता है।
तूफ़ानों से टकराना तेरी फ़ितरत में है,
मंज़िल उसी को मिलती है जो चलता रहता है।
Kaafiya: जानता, रहता
Radeef: है
"
Qita By Furkan S Khan
कभी गर लगे कि राहें मुश्किल हैं बहुत,
अपने अंदर की रौशनी को जलाए रखना।
हर ठोकर सिखाएगी एक नया सबक़,
बस हौसलों की उड़ान को बढ़ाए रखना।
Kaafiya: जलाए, बढ़ाए
Radeef: रखना
नई सुबह का पैगाम
Qita By Furkan S Khan
Kaafiya: निकलता, बदलता
Radeef: है
अंधेरों से लड़कर जो सूरज निकलता है,
हर सुबह एक नया पैगाम देता है।
उठो, जागो, अपनी राह ख़ुद बनाओ तुम,
कि मेहनत करने वालों का ही वक़्त बदलता है।
हर सुबह एक नया पैगाम देता है।
उठो, जागो, अपनी राह ख़ुद बनाओ तुम,
कि मेहनत करने वालों का ही वक़्त बदलता है।
Qita By Furkan S Khan
Kaafiya: जानता, रहता
Radeef: है
राहों में अगर कांटे बिछे हों तो क्या,
क़दमों में तेरे दम है, ये ज़माना जानता है।
तूफ़ानों से टकराना तेरी फ़ितरत में है,
मंज़िल उसी को मिलती है जो चलता रहता है।
क़दमों में तेरे दम है, ये ज़माना जानता है।
तूफ़ानों से टकराना तेरी फ़ितरत में है,
मंज़िल उसी को मिलती है जो चलता रहता है।
Qita By Furkan S Khan
Kaafiya: जलाए, बढ़ाए
Radeef: रखना
कभी गर लगे कि राहें मुश्किल हैं बहुत,
अपने अंदर की रौशनी को जलाए रखना।
हर ठोकर सिखाएगी एक नया सबक़,
बस हौसलों की उड़ान को बढ़ाए रखना।
अपने अंदर की रौशनी को जलाए रखना।
हर ठोकर सिखाएगी एक नया सबक़,
बस हौसलों की उड़ान को बढ़ाए रखना।
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