इश्क की दास्तान - रूहानी हिंदी ग़ज़ल

फरकान एस खान द्वारा रचित इश्क की गहराई को बयां करती एक खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल।

Tuesday, September 15, 2026
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इश्क की दास्तान - रूहानी हिंदी ग़ज़ल
“इश्क की दास्तान - रूहानी हिंदी ग़ज़ल”
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Date
15 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
दिल के हर कोने में बस एक तेरी ही नज़र है, इश्क की आग में जलता हुआ मेरा घर है, तू जो मिल जाए तो मुकम्मल हो मेरी रूह, तेरी खामोशी में भी छिपा एक गहरा असर है
Ghazal — By Furkan S Khan
जिंदगी का हर लम्हा बस एक अधूरा सफर है, तुझे पाने की चाह में खोई हुई मेरी खबर है, ख्वाबों में जो सजती है वो सूरत तेरी है, इस दिल को बस तेरी ही रूह की डगर है

नज़र: दृष्टि, मुकम्मल: पूर्ण, असर: प्रभाव

लम्हा: पल, खबर: सुध, डगर: रास्ता

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Zainab
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