इश्क़ की गहराई
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: बहलाते, निभाते, पाते | Radeef: हैं
तेरी यादों से हर पल दिल को बहलाते हैं,
हम अपनी मोहब्बत को ऐसे ही निभाते हैं।
ज़िंदगी की हर खुशी तुझसे ही तो है,
तेरे बिन हम कहाँ, क्या हैं, क्या पाते हैं।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: तलबगार, गिरफ़्तार, खुद्दार | Radeef: हुए
तेरी एक नज़र के हम तो तलबगार हुए,
इश्क़ की राह में हम ऐसे गिरफ़्तार हुए।
अब तेरे सिवा कुछ भी नज़र आता नहीं,
क्या कहें, हम तो तेरे प्यार में खुद्दार हुए।
Shayari — By Furkan S Khan
Kaafiya: पाल, हमख़्याल, कमाल | Radeef: लिया
तेरी बेरुख़ी से दिल में एक दर्द पाल लिया,
तेरी यादों को मैंने अपना हमख़्याल लिया।
ये इश्क़ का फ़साना है, जो सदियों चलेगा,
हमने तो अपनी हर धड़कन को कमाल लिया।