उमंग: उत्साह, जोश मलंग: मस्त, बेपरवाह गिले-शिकवे: शिकायतें, मनमुटाव धकेलने: पीछे हटाना हर सू: हर दिशा में, हर तरफ जश्न-ए-बहार: वसंत का उत्सव, खुशी का त्यौहार सार: निचोड़, महत्व

अंतर्मन: भीतर का मन, आत्मा संवरता: सुधरता, सुंदर होता क्षणिक: थोड़े समय के लिए शुक्रगुज़ारी: आभार, धन्यवाद रहमत: कृपा, दया आत्म-बोध: स्वयं को जानना, आत्मज्ञान भ्रांतियाँ: भ्रम, गलतफहमियाँ रूह: आत्मा रौनक: चमक, सुंदरता पड़ाव: पड़ाव, चरण मालामाल: संपन्न, धनी