प्रेम की खुशबू

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: मिल, भर, छू, रह  |  Radeef: जाए
प्रेम की खुशबू हर साँस में मिल जाए, जीवन के हर पल में रंग भर जाए। ये ऐसा जादू है जो दिल को छू जाए, सारी दुनिया इसमें सिमट कर रह जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: बजता, भरता, बढ़ता, सिमटती  |  Radeef: जाए
इश्क़ वो नगमा है जो दिल में बजता जाए, हर धड़कन में मीठा एहसास भरता जाए। ये रूह का रिश्ता है, जो बढ़ता ही जाए, सारी कायनात इसमें सिमटती जाए।

Qita — By Furkan S Khan

Kaafiya: चढ़, बिखर, बहता, बुझ  |  Radeef: जाए
मोहब्बत का रंग जब चढ़ जाए, हर सू बस खुशियाँ ही बिखर जाए। ये ऐसा दरिया है जो बहता जाए, हर प्यासे दिल की प्यास बुझ जाए।