बीते लम्हों की आहट - Furkan S Khan की दिल को छू लेने वाली कविता
Furkan S Khan द्वारा रचित 'बीते लम्हों की आहट' कविता, बचपन की अनमोल यादों और पुराने दिनों के अहसास को दर्शाती है।
सूनी: खाली, वीरान आबाद: बसी हुई, खुशहाल आहट: पदचाप, पदध्वनि साफ़: स्पष्ट आस: आशा, उम्मीद बेहिसाब: अनगिनत, बहुत अधिक ख़्वाब: सपना
अनूप: अनुपम, अतुलनीय भरपूर: पूर्ण, लबालब मख़मूर: मदहोश, आनंदित सरलता: सादगी बेफिक्र: चिंता रहित हुज़ूर: उपस्थिति, मौजूदगी चूर: भरी हुई, व्याप्त
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