तन्हाई का साया: अकेलेपन पर एक मार्मिक हिन्दी शायरी
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'तन्हाई का साया' कविता अकेलेपन के गहरे अहसास को दर्शाती है। भीड़ में भी महसूस होने वाली इस उदासी को शब्दों में पिरोया गया है।
यह शायरी अकेलेपन की गहराई और उसके अहसास को व्यक्त करती है। इसमें कवि ने बताया है कि कैसे भीड़ में भी इंसान अकेला महसूस कर सकता है। यह अहसास एक अनजानी प्यास की तरह है जो कभी बुझती नहीं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
28°C Bahraich
Comments (0)