इश्क़ की नज़र: Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली ग़ज़ल
Furkan S Khan की 'इश्क़ की नज़र' ग़ज़ल में प्यार की गहराई और उसके अद्भुत प्रभाव को महसूस करें। दिल से निकली ये पंक्तियाँ आपको मंत्रमुग्ध कर देंगी।
नज़र: दृष्टि, देखना। असर: प्रभाव। शय: वस्तु, चीज़। सफ़र: यात्रा। खबर: जानकारी। गुज़र: बीतना। निखर: चमकना, सुंदर होना। जादूगर: जादू करने वाला। फ़ना: मिट जाना, नष्ट होना। अमर: कभी न मरने वाला, शाश्वत।
छुपा: गुप्त, छिपा हुआ। लम्हा: पल, क्षण। उदासी: मायूसी, गम। आस: आशा, उम्मीद। दरमियाँ: बीच में। इम्तिहाँ: परीक्षा, कसौटी। ज़ख्म: घाव। मरहम: दवा, उपचार।
दीदार: दर्शन, देखना। नशा: मदहोशी, जुनून। छाया: छा गया। अक्स: प्रतिबिंब, परछाई। मोहक: मनमोहक, आकर्षक। माया: जादू, भ्रम। दीवाना: प्रेमी, पागल। समाया: बस गया। सताया: परेशान किया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
33°C Bahraich
Comments (0)