जीवन की धारा: फ़ुरकान एस ख़ान की प्रेरणादायक नाज़्म
फ़ुरकान एस ख़ान द्वारा रचित 'जीवन की धारा' एक सुंदर नाज़्म है जो जीवन को एक अनवरत बहती धारा के रूप में दर्शाती है। प्रेरणा और गहरी सोच से भरी यह कविता पढ़िए।
जीवन एक धारा है, बहती चली जाती है
हर पल नया रूप धर, कुछ कहती चली जाती है
कभी शांत, कभी प्रखर, कभी तूफानों से लड़कर
अपनी मंज़िल की ओर ये बढ़ती चली जाती है
Kaafiya जाती, कहती, बढ़ती
Radeef चली जाती है
F
Poetry ByFurkan S Khan
ज़िंदगी एक राह है, चलती जाती है
हर मोड़ पे नया सबक, सिखाती जाती है
कभी हँसी की किरण है, कभी आँसू की बरसात
ये हर पल नया रंग, दिखाती जाती है
Kaafiya जाती, सिखाती, दिखाती
Radeef जाती है
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Poetry ByFurkan S Khan
जीवन की धारा
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: जाती, कहती, बढ़ती | Radeef: चली जाती है
जीवन एक धारा है, बहती चली जाती है
हर पल नया रूप धर, कुछ कहती चली जाती है
कभी शांत, कभी प्रखर, कभी तूफानों से लड़कर
अपनी मंज़िल की ओर ये बढ़ती चली जाती है
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: जाती, सिखाती, दिखाती | Radeef: जाती है
ज़िंदगी एक राह है, चलती जाती है
हर मोड़ पे नया सबक, सिखाती जाती है
कभी हँसी की किरण है, कभी आँसू की बरसात
ये हर पल नया रंग, दिखाती जाती है
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